Dushman Ki Zuban Bandi Ka Amal

Dushman Ki Zuban Bandi Ka Amal

In English:

The warning is that you do not take this action in any wrong way. This execution can also cause harm to anyone. Proof can be stopped any person’s language. It can be used for any enemy or even your friend. This execution is used then. The execution of the enemy’s tongue, when man speaks his tongue more than the bone. Speaks all day for any reason. Talks without any reason You can ban the words of your wife, shohar, mother-in-law or your boss, by using Amal’s. To get rid of anybody, you can take the execution in the work and detain his tongue.

Dushmani Paida Karne Ka Amal

If anybody wants to fight and create animosity, then two pillars of wax should be made. Keep the two in a clean place on the first day and keep reading this verse until the chalad days.

” v aalkayna bayanhumu aadavta val bag jaaa ila yavmil kiyamta “

Both of them kept away from each other. Give away so much on the last day that both of them face going to the walls of the front room. After this, turn the faces of these two effigies and illuminate them along the wall and let them burn grapefruit for seven days and bury them in such a night. Unless these two effigies come out and do not get mixed together in such a manner.

In Hindi:

चेतावनी यह हैं की आप इस अमल को किसी गलत काम में न ले . इस अमल किसी को नुकसान भी हो सकता हैं. अमल से किसी भी इंसान की ज़ुबान बंद की जा सकती हैं. यह अमल किसी दुश्मन के लिए या अपने दोस्त के लिए भी काम में ले सकते हैं . इस अमल का इस्तेमाल तब किया जाता हैं . दुश्मन की ज़ुबान बंदी का अमल , जब आदमी हाड से जायदा अपनी ज़ुबान चलता हैं . किसी भी कारन से सारा दिन बोलता है . बिना किसी वजह के बोलता रहता हैं . Is अमल के इस्तमाल से आप अपनी बीवी , शोहर , सास या अपने बोस की ज़ुबान बंदी कर सकते हैं . किसी से दुश्मनी निकने के लिए आप इस अमल को काम में ले कर उसकी ज़ुबान बंदी कर सकते हैं .

दुश्मनी पैदा करने के लिए अमल

किसी के विच लड़ाई और दुश्मनी पैदा करना चाहे तो मोम की दो पुतलियां बना ली जाये . पहले दिन दोनों को साफ़ जगह गाड़ दो और चालिश दिन तक इस आयत को पढ़ते रहो .

” v aalkayna bayanhumu aadavta val bag jaaa ila yavmil kiyamta “

दोनों पुतलियों को एक दूसरे से दूर करते रहे . आखिरी दिन इतना दूर कर दो की दोनों आमने सामने वाली कमरे की दीवारों से जा लगे . इसके बाद इन दोनों पुतलियों का मुँह फेरकर दीवार के साय के साथ ही रोशनी कर दो और सात दिन तक चराग जलाकर उसे ऐसी रात दफना दो . जब तक इन दोनों पुतलियों को निकल कर आपस में ऐसी अमल के द्वारा मिला ना दिया जाये .

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